Saturday, September 22, 2018

ध्वनि के लक्षण (Characteristics of sound) dwani ke lakshan

Dhwani kya hai tatha iske lakshan
ध्वनि के लक्षण-

ध्वनि के मुख्यतः तीन लक्षण है-
1.प्रबलता
2.तारत्व
3.गुणता

1.प्रबलता: 

प्रबलता ध्वनि का वह लक्षण है जिसके कारण ध्वनि तेज या धीमी सुनाई देती है। ध्वनि जी प्रबलता का स्तर व्यक्त करने की इकाई फोन है।
● ध्वनि स्रोत से दूर किसी बिंदु ध्वनि की तीव्रता समान होती है। जबकि प्रबलता उस बिंदु पर अलग अलग  व्यक्तियों के लिए अलग अलग होती है। क्योंकि प्रबलता व्यक्ति के कान की सुग्राहिता पर निर्भर करती है।

2.तारत्व (Pitch):

तारत्व ध्वनि का वह लक्षण है जिससे ध्वनि ध्वनि मोटी या पतली होती है। तारत्व आवृति आवृति पर निरभर करता है। ध्वनि की आवृति अधिक होने पर तारत्व अधिक होती है।तथा ध्वनि पतली है, तथा ध्वनि की आवृत्ति कम होने पर तारत्व भी कम होता है। ओर ध्वनि मोटी होती है।

3.गुणता (Quality):

ध्वनि का वह लक्षण जिसके कारण हमे समान प्रबलता तथा समान तारत्व की ध्वनियों में अंतर पता चलता है, ध्वनि की गुणता कहलाती है। ध्वनि की गुणता सनादी स्वरों की संख्या क्रम तथा आपेक्षित तीव्रता पर निर्भर करती है।

प्रतिध्वनि(Echo):

जब ध्वनि किसी दीवार या पहाड़ से टकराकर तथा उससे परावर्तित होकर पुनः वापस लौटकर आती है तो इस परावर्तित ध्वनि को ही प्रतिध्वनि कहते है।
● प्रतिध्वनि सुनने के लिए स्रोता तथा परावर्तक के बीच न्यूनतम 17 मीटर (16.6 मीटर) दूरी होनी चाहिए।
● कान पर ध्वनि का प्रभाव 1/10 सेकंड तक रहता है।
● ध्वनि के अपवर्तन की वजह से दिन की अपेक्षा रात में ज्यादा अच्छी सुनाई देती है।

अनुनाद(Resonance):

जब किसी वस्तु के कंम्पनों की स्वाभाविक आवृति किसी चालक बल के कंम्पनों की आवृत्ति के बराबर होती है तो वह वस्तु अधिक आयाम से कंम्पन्न करने लगती है। इस घटना को ही अनुनाद कहते है।

ध्वनि का व्यतिकरण(Interference of sound):

जब समान आवृति या आयाम की दो ध्वनि तरंगे किसी बिंदु पर एक साथ पहुचती है तो उस बिंदु पर ध्वनि ऊर्जा का पुनः वितरण हो जाता है। यह घटना ध्वनि का व्यतिकरण कहलाती है।
यदि दोनों तरंगे उस बिंदु पर एक ही कला में पहुचती है तो वहां ध्वनि की तीव्रता अधिक होती है। इसे संपोषि व्यतिकरण कहते है।  तथा यदि दोनो तरंगे विपरीत कला में पहुचती है वहाँ पर तीव्रता निम्न होती है। इसे विनाशी व्यतिकरण कहते है।

ध्वनि का विवर्तन(Diffraction of sound):

ध्वनि का तरंगदैर्ध्य 1 मीटर की कोटि का होता है इसी कोटि का कोई भी अवरोध ध्वनि के मार्ग में आ जाता है। तो ध्वनि उस अवरोध के किनारे से टकराकर मुड़ जाती है और आगे बढ़ती है। इस घटना को ध्वनि का विवर्तन कहते है

0 comments: