Thursday, September 20, 2018

समजात अंग, समरूप अंग, अवशेषी अंग Homologous organ, Analogous organ, vestidos organ

Samjaat ang samroop ang tatha avsheshi ang kya hai
समजात अंग(Homologous organ):

ऐसे अंग जो विभिन्न कार्यो को करने के लिए काफी असमान होते है परंतु मूल सरंचना में समान होते है। समजात अंग कहलाते है। जैसे- चमगादड़ के पंख, मनुष्य के हाथ आदि सरंचना में काफी समान होते है इन सभी मे ह्यूमरस , रेडियो अल्ना, कार्पल्स आदि हड्डिया होती है। इन विकास भी एक जैसा होता है परंतु इन सभी का कार्य अलग अलग होता है। चमगादड़ के पंख उड़ने के लिए , मनुष्य का हाथ वस्तुओ को पकड़ने के लिए अनुकूल है।

समरूप अंग(Analogous organ):

 ऐसे अंग जो मूल सरंचना में काफी भिन्न होते है। परंतु समान कार्य करने किये उपयोगी होने के कारण समान दिखाई देते है। जैसे- तितली, चमगादड़ के पंख उड़ने का काम करते है परंतु देखने मे समान होते है। इन सभी की उत्तपत्ति अलग अलग ढंग से होती है पक्षियों के पंख की रचना इनकी अग्रपदो द्वारा होती है चमगादड़ के पंख की रचना हाथ की चार लंबी अंगुलियो तथा धड़ के बीच फैली त्वचा से हुई है।

अवशेषी अंग(Vestigial organ):

ऐसे अंग जो जीवो के पूर्वजो में पूर्ण विकसित होते है परंतु वातावरण की परिस्थितियों में बदलाव होने से इनका महत्व समाप्त हो जाने के कारण विकास क्रम में इनका क्रमिक लोप होने लगता है । यही अवशेषी अंग कहलाते है। जैसे - कर्णपल्लव त्वचा के बाल आदि ।
मनुष्य में लगभग 100 अवशेषी अंग होते है

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