Wednesday, September 19, 2018

Protoplasma, cell जीवद्रव्य और कोशिका से संबंधित कुछ तथ्य

Jeevdravy and koshika
जीवद्रव्य(protoplasm):

* जीवद्रव्य का नामकरण पुरकिंजे ने 1839 ई. में किया था
* यह एक तरल रंगहीन पारदर्शी द्रव होता होता है।
* जीवद्रव्य को दो भागों में बाटा गया है_

1.कोशिका द्रव्य(Cytoplasm):

यह कोशिका में केन्द्रक एवं कोशिका झिल्ली के बीच होता है

2.केन्द्रक द्रव्य(Nucleoplasm):

यह कोशिका में केन्द्रक के अंदर होता है ।
* जीवद्रव्य का लगभग 80% भाग जल होता है ।
* इसमे 76% ऑक्सीजन होती है।
* जीवद्रव्य में अकार्बनिक तथा कार्बनिक योगिकों का अनुपात 81:19 होता है।

कोशिका(Cell):

* कोशिका जीवन के सबसे छोटी कार्यात्मक तथा संरचनात्मक इकाई होती है।
* सबसे लंबी कोशिका माइकोप्लाज्मा गैलिसेप्टिकम की है।
* सबसे लंबी कोशिका तांत्रिक तंत्र की होती है।
* सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग के उमड़े की होती है।
* कोशिका विज्ञान के अध्ययन को cytology कहते है।
* कोशिका शब्द का प्रयोग सबसे पहले रोबर्ट हुक ने किया था।
* कोशिका सिद्धान्त का प्रतिपादन slayden ने 1838 ई. तथा T. Swan ने 1839 ई. में किया था।

कोशिका सिद्धान्त की कुछ मुख्य बाते-

* कोशिका का निर्माण जिस क्रिया द्वारा होता है उसमें केन्द्रक मुख्य अभिकर्ता होता है।
*प्रत्येक जीव की उत्तपत्ति एक कोशिका से ही होती है। तथा प्रत्येक के शरीर का निर्माण एक या अधिक कोशिका का होता है।

कोशिका दो प्रकार की होती है-

1.प्रोकैरियोटिक कोशिका(procaryotic cell):

इन कोशिकाओं में हिस्टोन नामक प्रोटीन नही होता है जिसके कारण क्रोमेटिन नही बन पाता केवल DNA  का सूत्र ही गुणसूत्र में पड़ा रहता है। अतः केन्द्रक इसमे नही पाया जाता है । नील हरित शैवाल में ऐसी ही कोशिका पायी जाती है।

2.यूकैरियोटिक कोशिका(Euocaryotic cell):

इसमे दोहरी झिल्ली के आवरण , केन्द्रक आवरण से घिरा केन्द्रक पाया जाता है जिसे देखा जा सकता है।
जिसमे DNA व हिस्टोन प्रोटीन के होने से बनी क्रोमेटिन तथा इसके अलावा केंद्रिका भी होता है।


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