Friday, October 12, 2018

मिश्रण को अलग करने की विधियां

Mixture ko alag karne ki vidhi

मिश्रण को अलग करने की कुछ विधियां निम्नलिखित है-

रवाकरण(Crystallisation):-

   इस विधि के द्वारा अकार्बनिक धौस मिश्रण को उचित विलायक के साथ मिलाकर गर्म किया जाता है उसके बाद उसे गर्म अवस्था मे ही कीप के द्वारा छान लिया जाता है। छानने के बाद इसे धीरे धीरे ठंडा किया जाता है। ठंडा होने पर शुद्ध पदार्थ क्रिस्टल के रूप में विलयन से पृथक हो जाता है। जैसे- शर्करा और नमक के मिश्रण को इथाइल एल्कोहल में 348 K ताप पर गर्म कर इस विधि द्वारा अलग किया जाता है।

आसवन विधि(Distillation):-

   जब दो द्रव्यों के क्वथनांको में अधिक अंतर होता है। तो उसके मिश्रण को आसवन विधि से अलग किया जाता है। अर्थात यह द्रवों के मिश्रण को अलग करने की विधि है। इसका प्रथम भाग वाष्पीकरण (Vaporisation) तथा दूसरा भाग संघनन (Condensation) कहलाता है।

आंशिक आसवन विधि(Fractional distillation):-

   इस विधि वैसे मिश्रित द्रवों को अलग किया जाता है जिनके क्वथनांको में कम अंतर होता है। खनिज तेल या कच्चे तेल से शुद्ध डीजल , पेट्रोल , मिट्टी का तेल , कोलतार आदि इसी विधि द्वारा अलग किये जाते है।

उर्ध्वपातन(Sublimation):-

    इस विधि से ऐसे ठोसों को अलग किया जाता है जिसमे एक ठोस उर्ध्वपतित हो दूसरा नही। इस विधि से कपूर , नेफ्थीलीन , अमोनियम क्लोराइड आदि को अलग किया जाता है । उर्ध्वपातन में ठोस सीधे भाप में बदल जाता है।

वर्णलेखन(Chromatography):-

   यह विधि इस तथ्य पर आधारित है कि किसी मिश्रण के विभिन्न घटको की अवशोषण क्षमता भिन्न भिन्न होती है तथा वे किसी अधिशोषक पदार्थ में विभिन्न दूरियों पर अवशोषित होते है इस प्रकार वे प्रथक कर लिए जाते है।

भाप आसवन विधि(Steam distillation):- 

   इस विधि से कार्बनिक मिश्रण को शुद्ध किया जाता है, जो जल में अघुलनशील होता है। परंतु भाप के साथ वाष्पशील होता है। इस विधि द्वारा विशेष रूप से उन पदार्थो का शुद्धिकरण किया जाता है, जो अपने क्वथनांक पर ही अपघटित हो जाते है। जैसे - एसीटोन, मेथिल एल्कोहल आदि

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